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Life of a Book - Yadi Zindagi Kitab Hoti

किताबों की उस दुकान पर जाना अपने आप में एक अलग ही अनुभव है। वैसे, बाहर से वो किताबों की दूकान कम और कोई कार्पोरेट इमारत ज्यादा लगती है। पार्किंग की अच्छी जगह, ऊंची सी इमारत जो दूर तक लंबी चली गयी है, दायें तरफ कोने में, भीतर जाने का एक छोटा सा दरवाजा। लेकिन भीतर जाते ही माहौल एकदम अलग है। हल्की सी ठंडक, सब कुछ एकदम शांत बस ऐसा लगता है जैसे दूर कहीं कुछ हल्का सा संगीत बज रहा है। कुछ लोग किताबों को यहाँ से वहाँ ले जाते हुये। आगे जाकर दायें तरफ एक बड़ा सा केबिन जहां इस पूरी व्यवस्था के संचालक बैठते हैं। ना जाने क्यों, शायद उनका व्यक्तित्व ही कुछ ऐसा है कि उन्हे चीफ़ कह कर बुलाना अच्छा लगता है। उस दिन उनके ग्लास के दरवाजे को ठकठका कर भीतर चला गया। चीफ़ कुछ पढ़ रहे थे। "आओ, बैठो। इस बार जल्दी आ गए।" उन्होने अपनी नज़र ऊपर उठा कर कहा। "इस बार किताब कुछ जल्दी खत्म हो गयी सो जल्दी आ गया, चीफ़।" "HS-2646374 की किताब कैसी हालत में आई है?" उन्होने किसी से इंटरकॉम पर पूछा, स्पीकर चालू था। "ठीक ठाक है। कहीं कहीं बिना मतलब कुछ लिख दिया। बाकी ठीक है।" उधर से ...

Life of a Busy Stock Market Trader - Humour in Tragedy

ओ हेनरी की एक कहानी है - "The Romance of a Busy Broker" ।  कहानी में बॉस जो कि एक ब्रोकर है सुबह ऑफिस पहुंचता है। साथ ही साथ स्टेग्नोग्राफर मिस लेज़्ली भी दाखिल होती है। कहानी कुछ मोड़ों से होते हुये "ओ हेनरीनुमा" अंत की ओर बढ़ चलती है। ब्रोकर को लगता है कि उसे मिस लेज़्ली के प्रति अपने प्यार को जाहिर कर देना चाहिए। उसका दिमाग तो शेयरों में उलझा हुआ है पर दिल की बात सुनकर वह चलते शेयर मार्केट के दौरान ही इस खतरे को उठाने पहुँच जाता है। जैसे ही वो मिस लेज़्ली को "क्या तुम मुझसे शादी करोगी?" कहता है, मिस लेज़्ली चोंक कर कहती है "आखिर तुम ये क्या कह रहे हो? क्या तुम्हें याद नहीं? कल शाम को ही तो हमारी शादी हुई है।" तो ये है सच्चाई शेयर मार्केट में काम करने वाले लोगों की - कल शाम शादी हुई और आज सुबह सब कुछ भूल काम पर डटें हैं। उनकी ज़िंदगी में ना तो 'हनी' की मिठास है ना 'मून' की चाँदनी. अगर कुछ है तो बस अमावस की रातें और मधुमक्खी के चुभते डंक।

Cleopatra, Mirror and Aging - Life Goes On

जब मिस्र की रानी क्लियोपेट्रा को पता चला कि उसके साथी  मार्क एंटनी ने ओक्टेविया से शादी कर ली है तो वो गुस्से से पागल सी हो गयी और  संदेशवाहक पर दहाड़ी कि वो ना सिर्फ उसकी आंखे निकलवाकर उनसे गोटियाँ खेलेगी बल्कि उसकी खुपड़िया का मुंडन करेगी सो अलग (".... horrible villain, or I’ll spurn thine eyes Like balls before me! I’ll unhair thy head! " - शेक्सपीयर भाऊ उर्फ William Shakespeare: Antony and Cleopatra, Act II. Scene V)। बहरहाल, मुद्दे की बात ये कि संदेशवाहको का काम बेहद खतरनाक और जोखिम भरा काम है। ज़रा ज़बान फिसली नहीं कि आँख-बाल से फ़ुरसत। बस कान बचते हैं, उनसे ही गोटियों की टनाटन सुनते रहो ज़िंदगी भर।  । अब ये किस्सा उस दिन अचानक एक डिनर पार्टी मे ध्यान आ गया। वहाँ एक परिचिता से मुलाक़ात हो गयी। मिले हुये कई साल हो गए थे सो पहचान ना सके। पर वो पहचान गयी। उनकी कोशिशों से यादों पर पड़े मकड़जाल हटे तो वो भी याद सी आ गयी। अब भूल तो हो गयी थी पर उनकी निगाहें इसे किसी संगीन जुर्म से कम मानने को तैयार ना थी।  ना पहचानकर, उन्हे उनकी बढ़ती उम्र का संदेश पूरी ताकत से सुनाया थ...

We The Bachelors

ये जो तुम महापुरुषों को किताबों में, तस्वीरों में, किस्से कहानियों मे तलाशते घूमते हो ना, गलत करते हो। यदि चुनौतियों से भिड़ जाने वाले, तूफानों से अड़ जाने वाले, पहाड़ों पर चढ़ जाने वाले लोग देखना है तो गौर से अपने आस पास देखो। वो यहीं हैं। दुनिया ने उन्हे कई नाम दिये - बैचलर, अविवाहित, कुँवारा, कमीना और भी ना जाने क्या क्या। पर वास्तव में वो हैं- उफनते समंदरों में अपनी कश्ती डाल देने वाले दिलेर बंदे! अपनी ही पहचान से अनजान आम लिबास में घूमते सुपर हीरो! खुद को दहका कर इस अंधेरी दुनिया को रोशन करते धूमकेतु! आज की तारीख़ में बैचलर होना आसान नहीं है साहब, ये एक शक्कियों से भरी गली है और दामन बचाकर जाना है। आज एक बैचलर ज़ोर से हंस नहीं सकता कि लोग क्या सोचेंगे, मनचाहा गीत नहीं गुनगुना सकता कि लोग उसमें मायने ढूँढने लगेंगे, सितारों मे अपनी किस्मत नहीं तलाश सकता कि लोग उसे चाँद को ताकने का मुजरिम ठहरायेंगे। वो बेक़सूर होकर भी हमेशा से ही कठघरे में खड़ा सवालों के जवाब दे रहा है।