समोसा होने की शर्त भी वही है जो इश्क की है - एक आग का दरिया है और डूब के जाना है ... और वो इस शर्त को शब्दशः पूरा करता है, वो गर्म तेल में डूबता है तो बस इसलिए कि उसे किसी से नहीं ... बल्कि किसी के लिए इश्क हो जाना है, अब बताईये भला उससे प्यार कैसे ना हो। और बात केवल ऊपरी दिखावे की नहीं बल्कि वो भीतर से भी उतना ही खूबसूरत है; अपने भीतर ढेर सारे सपने समेटी हुई मैदे से बनी और तेल में तपी सुनहरी, कुरकुरी परत से जब जीभ की मुलाक़ात होती है तो लगता है डूबते मन के किसी कोने में उम्मीदों का सूरज उतर आया हो और जैसे ही उसे पार करो तो स्वादों का एक तेज बहाव दिमाग के हर तनाव को अपने साथ बहा ले जाता है।