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About Author

 अनिमेष अनंत समकालीन हिंदी कथा-साहित्य के उन लेखकों में से हैं, जिनकी रचनाधर्मिता भारतीय ज्ञान-परंपरा, बहुविषयक अनुसंधान और आधुनिक मानव मन की जटिलताओं के गहन अध्ययन से सिंचित है। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर तथा कॉर्पोरेट, आईटी फ़्रीलांसिंग व वित्तीय बाज़ारों के व्यापक अनुभव से समृद्ध, अनिमेष अनंत की लेखनी में तार्किक सटीकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और काव्यात्मक संवेदना का एक विरले संतुलन देखने को मिलता है।

उनकी रचनाधर्मिता पारंपरिक आख्यान और आधुनिक विचार-प्रक्रिया के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। वे केवल काल्पनिक कहानियाँ नहीं गढ़ते, बल्कि गहन अनुसंधान और प्रामाणिक संदर्भों के आधार पर कथा-शिल्प को एक वैचारिक और यथार्थवादी धरातल प्रदान करते हैं। वे शब्दों के माध्यम से दृश्य के पीछे छिपे 'अदृश्य' और आवरण के पीछे छिपे 'सत्य' की निष्पक्ष खोज करते हैं।

उनकी कृति 'संदेश: उपन्यास एवं कहानी संग्रह' उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जहाँ उनका उपन्यास 'संदेश' भारत की प्राचीन वास्तुकला, भूगोल और दर्शन के ताने-बाने में बुनी गई आत्म-साक्षात्कार की एक कालजयी यात्रा है; वहीं 'तुरंग', 'सिताया: युद्धम', 'रेड सिग्नल', 'क्वीन' और '0.32' जैसी कहानियाँ पौराणिक पुनर्व्याख्या, यथार्थवादी सामाजिक व्यंग्य तथा मानवीय संवेदनाओं के सूक्ष्म धरातल को छूती हैं।

हाल ही में प्रकाशित उनका उपन्यास 'नरसिंह कुटीर' 1994 के पचमढ़ी और मध्य भारत के औपनिवेशिक इतिहास व सांस्कृतिक जड़ों की पृष्ठभूमि पर रचा गया एक सशक्त ऐतिहासिक-सांस्कृतिक आख्यान है।

इसके साथ ही, वे पाँच खंडों में फैली महत्वाकांक्षी रणनीतिक थ्रिलर शृंखला 'वज़ीर' (मोहरा, स्लेपनीर, बिसात, चक्रव्यूह, प्रतिदंड) के रचनाकार हैं। इसमें सत्ता-समीकरणों, उच्च-स्तरीय कूटनीति, कानून, साइबर सुरक्षा और शतरंज के रूपकों के माध्यम से मानवीय जिजीविषा और संप्रभुता का विशद अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। हिंसा या बाहुबल के स्थान पर 'अहिंसक और प्रबुद्ध प्रतिरोध', विधिक लूपहोल्स और बौद्धिक चातुर्य के माध्यम से वे सत्ता और न्याय के संतुलन को रेखांकित करते हैं।

अनिमेष की भाषा-शैली में एक अनोखा ठहराव और ध्यानस्थ गंभीरता है। वे शतरंज की चालों, कूट-संकेतों और स्थापत्य कला के बिंबों को मानवीय संबंधों तथा चेतना से जोड़ने में माहिर हैं। उनके पात्र—विशेषकर स्त्री-चरित्र—पारंपरिक असहायता या क्रंदन के खांचे से बाहर निकलकर आत्मसम्मान, अदम्य जीवटता और संप्रभु रणनीतिक सोच से लैस होकर अपनी परिस्थितियों को दिशा देते हैं।

उनकी आगामी कृतियों में उपन्यास 'काउन्ट फ़िल' शामिल है।


📚 प्रमुख प्रकाशित व आगामी कृतियाँ —

  • संदेश (उपन्यास एवं कहानी संग्रह): भारतीय स्थापत्य, कला और दर्शन के ताने-बाने में बुनी एक अनूठी आध्यात्मिक-मनोवैज्ञानिक यात्रा। इसके कहानी संग्रह में—'तुरंग', 'सिताया: युद्धम', 'रेड सिग्नल', 'क्वीन' और '0.32'—पौराणिक पुनर्व्याख्या से लेकर समकालीन यथार्थ और तीखे व्यंग्य तक, विविधतापूर्ण बौद्धिक एवं संवेगात्मक रंग समाहित हैं।
  • वज़ीर शृंखला (5 खंड): सत्ता, कूटनीति और रणनीतिक संघर्ष पर आधारित वृहद थ्रिलर महागाथा—मोहरा, स्लेपनीर, बिसात, चक्रव्यूह और प्रतिदंड।
  • नरसिंह कुटीर: 1994 के पचमढ़ी और औपनिवेशिक इतिहास की पृष्ठभूमि में रचा गया ऐतिहासिक उपन्यास।
  • काउन्ट फ़िल (आगामी): 'वज़ीर' की पृष्ठभूमि में एक भिन्न व्यक्तित्व और कलेवर पर केंद्रित उपन्यास।

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